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Showing posts from March, 2020

गौर से देखा

आज कल की भागदौड़ भरी जिंदगी में कुछ देखने का टाइम ही नही मिलता बस कभी ये काम कभी वो काम खाना बच्चे जॉब ओर रोज मर्रा की जरूरतें आज सालो बाद लगा कि घर को परिवार को पास से देखा भगवान सबकी रक्षा करे घर मे रहे परिवार को देखे वो आपकी ओर आप उनकी दुनिया हो ओर अगर कदम दरवाजे की ओर बड़े तो तो देखिये घर के अंदर कितनी नजरो ने आपको गौर से देखा सो प्ले

किसी पिता की तरह

8 बजते ही टीवी पर सारे देश की नजरें थी मोदी सर का उद्बोधन आने वाला था यु तो उनके उद्बोधन हमेसा ही कुछ नया सिखाते है पर उस दिन 21 दिन का लॉक डाउन करते समय उनके स्वर  में जो देश और देशवासियों के प्रति चिंता थी  जैसे कोई पिता अपनी संतान को बुरी नजर से बचकर अपने दामन में समेटे लेना चाहता हो  ओर खुद सामने बढ़कर हर मुश्किल का सामना कर रहा हो सच मे उस दिन ओर आज तक मोदी जी के वो शब्द याद करके गर्मी की छुट्टियों में पापा का डांटना याद आता है अंदर चलो वरना लू लग जाएगी

बचपन की यादे

हेलो दोस्तों आपको याद है आपका सबसे प्यारा सबसे सुनहरा सबसे अच्छा वक्त कोनसा साथा जी हां वो वक्त था हमारा बचपन बचपन के वो सुनहरे दिन माँ का गुस्सा ,दादी का प्यार दोस्तों से लड़ाई वो खट्टी ओर फिर बट्टी पतंगों के पीछे दौड़ना पॉपिंस के लिए लड़ना अच्छा सच बताइए आपमे से कितने लोगों ने पॉपिंस की गोलियां के कलर मैच करके उनका अलग बंडल बनाया ओर कौन कौन कुल्फी की घण्टी सुन बिना चप्पल गली में दौड़ा सच क्या दिन थे और उस समय हमने कभी सोचा भी नही था कि धूल में गिरे बेर उठा कर खाने से कोनसा वायरस हमे नुकसान पहुचायेगा ........... ......... ........ओ मेरे बचपन कँहा चले गए तुम ...... .

मेरा अपना ब्लॉग

सो ....... हाय फ्रेंड्स सुनैना दिल से में आप सभी का हार्दिक अभीवादन है कुछ अलग नाम हैं मेरे ब्लॉग का जैसे कि सुनेंना दिल से हा हा हा हा हा.......... वैसे मुझे लिखना विखना आता तो नही पर दोस्तो ने कहा कि हमारा दिमाग खाने की जगह तू ब्लॉग लिखने लग ,,तो बस मेरा ये ब्लॉग और इसकी फर्स्ट पोस्ट आपके सामने है