ये कैसे दिन हैं
आज भईया को दुबारा पाइप लगे इक्कीस दिन हो गए।जब हम उसे 13 मार्च को पहली बार डॉक्टर के पास ले गए तो यूरिन पास न होने के कारण उसे नाभि के निचे चीरा लगा कर पाइप लगा दिया ।कि इससे हालफिलहाल यूरिन पास होगा।और अगली बार लॉक डाउन होजाने के कारण सरकारी अस्पताल में जरनल ओ पी डी बंद होग हैया ।प्राइवेट अस्पताल में इलाज के लिए बहुत पैसे चाहिए।मै प्राइवेट जॉब करती हूं।और वँहा भी अभी बंद है।वैसे भी वो लोग शायद ही इतने इतने पैसे देते।अगर आज शासकीय अस्पताल खुला होता तो कितना अच्छा होता।भाई को पाइप गड़ता है दर्द भी होता है ।मै उसे झूठ तसल्ली देती हूं।पर क्या ये ठीक है।भगवान को गरीबों की ही परीक्षा ले रहे हैं।पर मैं बहुत कमजोर हूँ भगवान आप दया करदो ओर भाई को स्वस्थ करदो