क्या तुमने वो दिया जलाया

क्या तुमने वो दीप जलाया?

हरे जो अंतस का अंधियारा
जिससे तमस का रावण हारा
खत्म करे जग का अंधेरा
लाये जो इक नया सवेरा

वो तारा तुमने चमकाया?

क्या तुमने वो दीप जलाया?

आज अगर है मुश्किल रस्ता
खुशियों का न मोल है सस्ता
खुद को वज्र सा सबल बनाओ
मेहनत से आगे बढ़ जाओ

हिम्मत से ही सब हो पाया

क्या तुमने वो दीप जलाया?

कट जाएँगे मुश्किल दिन भी
आएंगें फिर अच्छे दिन भी
मत निराश हो, बनो साहसी
ज्योति जलाओ जीवन प्रकाश-सी

बन कर जीवन की प्रतिछाया

क्या तुमने वो दीप जलाया?

🙏🏻🙏🏻🙏🏻🌹🌹🌹     ====ब्रजेश कुमार शर्मा

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