आधुनिक समाज के अभिश्राप से मनुष्य और जीव जंतुओं के अतिरिक्त हवा और पानी भी विषैले हो चले हैं जँहा एक तरफ हवा में मर्करी ,कार्बन, सल्फर की मात्रा बढ़ कर उसे सांस लेने के लिए अनुपयोगी बना रही है वंही
शायद आपको याद हो कि अस्सी नब्बे के दशक में जबकि इंटरनेट और मोबाइल नही था और नही इतने मनोरंजन के संसाधन थे उस समय लोगों के बीच किताबों ,पत्रिकाओं, कॉमिक्स ओर दूरदर्शन का बड़ा ट्रेड था।केन यू बिलीव इट की 80के दशक में लोग एक सीरियल देखने के लिए एक एक हफ्ते इंतजार करते थे एक उपन्यास की एडवांस प्रति महीनों पहिले बुक हो जाती थी।ऐसे समय मे बड़े हुए बच्चों में लेखन कला भी गजब की देखी गई है उनकी बौद्धिक क्षमता और समस्याओं और दुनिया के प्रति उनका नजरिया कुछ अलग ही था।ऐसे ही बचपन मे नॉवल पढ़ के बड़ी हुई एकपीढ़ी के एक उभरते लेखक है अजिंक्य शर्मा अपनी सस्पेंस फुल और धार दार लेखनी के कारण इन्होंने अपने पाठकों के दिलों में बहुत ही कम से वर्तमान में लेखक के तीन उपन्यास अमेजन किंडल पर उपलब्ध हैं तथा पाठकों द्वारा सराहे जा रहे है।जैसा कि कहागया है कि पौधे को पानी और लेखक को उत्साह वर्धन सिंचित करता है अतः आप सब को भी इस लेखक की उपन्यास अवश्य पड़नी चाहिए इनकी लेखनी में एक धरप्रवाहिता है जो कहानी के सुरु से अंत तक आपको बंधे रखती है और एक तीव्र गतिगामी फ़िल्म की तरह आपका मनोरंजन करती है ।कहानियों के उता...
सुबह से माही की नजर न्यूज़ चैनल पर थी,थोड़ी थोड़ी देर में अपने जरूरी काम निपटाते हुए वो न्यूज़ भी सुनती जा रही थी।उफ..............कितना दर्दनाक दृश्य है ,लोग दर्द से झटपटा रहे है और डॉक्टर उन्हें संभाल रहे है।पुलिस भी अपना सख्त रवैया छोड़ कर लोगों को ऐसे समझा रही है जैसे कोई छोटे बच्चे को समझा रहा हो ।बहुत खतरनाक बीमारी है ये कृपया आपस मे न मिले जुले सोसल डिस्टेंसिंग का पालन करें।न्यूज़ रिपोर्टर के शब्द माही के कानों में गूंज उठे।वह आता गूंधना छोड़ कर टीवी के पास चली गई।जैसे बहुत जरूरी सूचना अब मिलने ही वाली हो।तभी फोन की घंटी ने उसका ध्यान भंग कर दिया।मोबाइल उठाकर नंबर देखा तो शान्ता बहन का नंबर था।माही ने एक लंबी आह भरी इस घड़ी वो अगर किसी से बात नही करना चाहती थी तो वो शान्ता बहन थीं।मोबाइल लगातार बज रहा ओर माही उसे घूरे जा रही थी।ये सिलसिला न जाने कब तक चलता यदि वीना की आवाज उसका ध्यान भंग न करती।मम्मी प्लीज मोबाइल उठा लो कोई जरूरी कॉल हो सकता है।माही ने वीना के बंद कमरे के दरवाजे को देखा और आह भरते हुए मोबाइल उठा लिया। हैलो, मै शान्ता बोल रही हूँ,शान्ता की तल्ख आवाज उसके कानों से टकराई...
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