एक उभरते हुए लेखक की कहानी

शायद आपको याद हो कि अस्सी नब्बे के दशक में जबकि इंटरनेट और मोबाइल नही था और नही इतने मनोरंजन के संसाधन थे उस समय लोगों के बीच किताबों ,पत्रिकाओं, कॉमिक्स ओर दूरदर्शन का बड़ा ट्रेड था।केन यू बिलीव इट की 80के दशक में लोग एक सीरियल देखने के लिए एक एक हफ्ते इंतजार करते थे एक उपन्यास की एडवांस प्रति महीनों पहिले बुक हो जाती थी।ऐसे समय मे बड़े हुए बच्चों में लेखन कला भी गजब की देखी गई है उनकी बौद्धिक क्षमता और समस्याओं और दुनिया के प्रति उनका नजरिया कुछ अलग ही था।ऐसे ही बचपन मे नॉवल पढ़ के बड़ी हुई एकपीढ़ी के एक उभरते लेखक है अजिंक्य शर्मा अपनी सस्पेंस फुल और धार दार लेखनी के कारण इन्होंने अपने पाठकों के दिलों में बहुत ही कम से
वर्तमान में 
लेखक के तीन उपन्यास अमेजन किंडल पर उपलब्ध हैं तथा पाठकों द्वारा सराहे जा रहे है।जैसा कि कहागया है कि पौधे को पानी और लेखक को उत्साह वर्धन सिंचित करता है अतः आप सब को भी इस लेखक की उपन्यास अवश्य पड़नी चाहिए इनकी लेखनी में एक धरप्रवाहिता है जो कहानी के सुरु से अंत तक आपको बंधे रखती है और एक तीव्र गतिगामी फ़िल्म की तरह आपका मनोरंजन करती है ।कहानियों के उतार चढ़ाव आपकी बुद्धिकौशल को पैना तथा परखदार बनाते है।परंपरा गत उपन्यासों से हटकर आज की पीढ़ी के विचारों का समवेसन भी इस इनके उपन्यासों में है ।
अपनी विलक्षण लेखन प्रतिभा के लिए लेखक बंधाई के पात्र हैं।हम इनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते है और आशा करते है कि ये अपनी विलक्षण लेखलनी से हमारे साहित्यिक जगत को समृद्ध करेंगे।

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आप इस लिंक के माध्यम से इनकी किताब पढ़ सकते हैं

Comments

  1. अजिंक्य शर्मा जी के तीनों उपन्यास पढे, बहुत रोचक हैं।
    धन्यवाद
    गुरप्रीत सिंह
    www.svnlibrary.blogspot.in

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